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Sunday, January 29, 2017

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पदमिनी के प्रेम प्रसंग पर फिल्मी कहानी बनाने पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

जयपुर. फिल्मकार संजय लीला भंसाली
की अल्लाउद्दीन खिलजी
एवं जौहर करने वाली रानी
पदमिनी के प्रेम प्रसंग पर फिल्मी
कहानी बनाने पर विवाद थमने का नाम
नहीं ले रहा है। भंसाली फिल्म
की शूटिंग बंद कर जयपुर से रवाना हो चुके हैं।
इस विवाद पर कॉलेज एवं स्कूली
पाठ्यक्रम में दिए गए तथ्यों और प्रदेश के इतिहासकारों से
बातचीत की। इसमें स्पष्ट रूप से
सामने आया है कि जिस तथ्य का कहीं जिक्र तक
नहीं है उनको लेकर भंसाली ने कहां
से फिल्म की स्क्रिप्ट लिख डाली।
इतिहासकार कहते हैं कि चित्तौडगढ़ के 42वें शासक रावल रतन
सिंह की 15 रानियों में से एक थी
रानी मदन कंवर पदमिनी। जिन्हें
इतिहासकार पदमावती के नाम से जानते हैं। स्कूल-
कॉलेज कहीं नहीं प्रेम प्रसंग
की बात...
-रानी पदमिनी के जौहर एवं
अल्लाउद्दीन खिलजी से
जुड़ी कहानियां राजस्थान के स्कूल,कॉलेज
(बीए पार्ट 1 और बीए पार्ट-2)एवं
यूनिवर्सिटी (एमए प्रथम वर्ष या
द्वितीय सेमेस्टर)में पढ़ाई जा रही है।
-इनमें कहीं भी प्रेम प्रसंग के बारे में
नहीं बताया गया है।
-सवा दो शताब्दी बाद लिखी कथा
इतिहासकार बताते हैं कि सूफी कवि मलिक मोहम्मद
जायसी ने 1540 ईस्वी में
अवधी भाषा में चित्तौड़ पर हुए 1303
ईस्वी के आक्रमण पर पदमावती
काव्य लिखा।
-किवदंतियों के आधार पर घटना से सवा दो शताब्दी
बाद ये काव्य लिखा गया।
-जायसी के अनुसार आध्यात्मिक संदेशों के लिए इस
रचना को चुना है। चित्तौड़ मनुष्य के शरीर का
प्रतीक है।
-रावल रतन सिंह उसकी आत्मा
और पदमावती उसकी बुद्धि।
अल्लाउद्दीन खिलजी माया या भ्रम
है,जो बुद्धि को भटकाने का प्रयास है।
रानी पदमावती बहुत सुंदर
थी...यह था कहानी में
-मलिक मोहम्मद जायसी ने पदमावत नामक काव्य
में 1303 ईस्वी में चित्तौडगढ पर हुए आक्रमण
और ऐतिहासिक विजय का वर्णन किया है।
-इसमें उन्होंने रानी पदमिनी का नाम
पदमावती रखा। इसमें कथाकार बताया है कि
रानी पदमावती बड़ी सुंदर
थी।
-अल्लाउद्दीन खिलजी ने
पदमावती की सुंदरता के बारे में सुना तो
देखने के लिए लालायित हुआ।
-खिलजी की सेना ने चित्तौड़ को घेर लिया
और रावल रतन सिंह के पास पदमावती से मिलने का
संदेश भिजवाया।
-भरोसा दिया कि पदमावती से मिलकर वह चितौड़
छोड़कर चल देंगे और आक्रमण नहीं करेंगे।
-रावल रतन सिंह ने इस बारे में पदमावती से
बातचीत की। रानी इससे
सहमत नहीं थी,लेकिन युद्ध टालने के
लिए एक उपाय निकाला।
-खिलजी उनकी परछाई को कमल के
तालाब में देख सकता है। शर्त यह रहेगी
की खिलजी को बगैर शस्त्र आना होगा।
खिलजी ने तालाब में पदमिनी का प्रतिबिंब
देखा।
-रानी की सुंदरता पर मोहित
खिलजी ने आक्रमण कर दिया। इस युद्ध में रावल
रतन सिंह और उनके सैनिक मारे गए।
-हालांकि,जब तक अल्लाउद्दीन दुर्ग तक
पहुंचते,उससे पहले ही पदमिनी ने
हजारों महिलाओं के साथ जौहर कर लिया था।
इतिहासकारों के तर्क
प्रेम प्रसंग का कहीं जिक्र
नहीं:शर्मा
यह युद्ध केवल राजनीतिक फायदे के लिए हुआ
था। प्रेस प्रसंग का एक भी सबूत
अभी तक नहीं मिला है। जिस कवि ने
ये रचना की थी,उसकी एक
भी लाइन में प्रेम प्रसंग की बात
नहीं है। -
प्रो.के.जी.शर्मा,इतिहासकार
फिर जौहर क्यों करती
पदमिनी:खंगारोत
पदमिनी का खिलजी के साथ प्रेम-
प्रसंग होता तो वह हजारों महिलाओं के साथ जौहर क्यों
करती?खिलजी ने यह युद्ध
पदमिनी से ज्यादा राजनीतिक फायदे के
लिए किया था। इतिहास पर फिल्में जरूर बननी
चाहिए,लेकिन पूरे अनुसंधान के साथ। रिसर्च के बाद
ही गांधीजी पर फिल्म
बनी थी। कोई विवाद नहीं
हुआ।-प्रो. आरएस खंगारोत,इतिहासकार

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