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Saturday, July 4, 2020

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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में सहयोग के लिए बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर आर जे राव जी द्वारा लायंस क्लब ऑफ़ भोपाल ग्लोरियस संस्था को 25000/- रुपये का योगदान दिया गया

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में सहयोग के लिए बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति   प्रोफेसर आर जे राव जी द्वारा   लायंस क्लब ऑफ़  भोपाल ग्लोरियस संस्था  को 25000/- रुपये का योगदान दिया गया  ।


  सहयोग राशि  का चेक  लायंस क्लब  ऑफ़ भोपाल ग्लोरियस की  इम्मीडिएट पूर्व  सचिव  एवं वर्त्तमान द्वितीय उपाध्यक्ष और फार्मेसी विभाग की फैकल्टी  डॉ रचना अखंड गिरी द्वारा प्राप्त किया गया संस्था द्वारा योगदान राशि का उपयोग शासकीय अस्पताल  में पी पी इ किट एवं अन्य जरूरी सामग्री  दान करने में किया जायेगा सहयोग राशि के योगदान के लिए क्लब  पूर्व अध्यक्ष लायन डॉ अंशु सिंह , वर्तमान अध्यक्ष  लायन डॉ गगन कांत त्रिपाठी , लायन महेश मालवीय ,लायन सुमित अग्रवाल ,लायन डॉ मनोज वर्मा ,वर्तमान सचिव लायन हरीश चतुर्वेदी  एवं क्लब के सभी सदस्यो द्वारा धन्यवाद और बधाई दी गयी
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भोपाल आउटसोर्स कम्‍पनी के मैनेजर की जमानत निरस्‍त विशेष न्‍यायाधीश भोपाल श्री भगवत प्रसाद पाण्‍डेय द्वारा आउटसोर्स के १४ कर्मचारियो का अनुबंध के अनुसार समय पर ईपीएफ जमा नही करने वाले आरोपी भीम सेन का जमानत आवेदन निरस्‍त किया गया।

भोपाल आउटसोर्स कम्‍पनी के मैनेजर की जमानत निरस्‍त विशेष न्‍यायाधीश भोपाल श्री भगवत प्रसाद पाण्‍डेय द्वारा आउटसोर्स के १४ कर्मचारियो का अनुबंध के अनुसार समय पर ईपीएफ जमा  नही करने वाले आरोपी भीम सेन  का जमानत आवेदन निरस्‍त किया गया। आरोपी भीम सेन ने आउटसोर्स के 14 कर्मचारियो का अनुबंध के अनुसार समय पर ईपीएफ जमा  नही किया था, जिसके लिये विधि विभाग के अधिकारियो द्वारा कम्‍पनी के मैनेजर को समय समय पर पत्र लिखकर ईपीएफ जमा करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन इसके बाबजूद आरोपी भीम सेन उन कर्मचारियो का ईपीएफ जमा किया था। विधि विभाग के अधिकारी श्री सी.एम. मुकाती द्वारा आरोपी के विरूद्ध थाना एम.पी. नगर में शिकायत की थी। जिस पर थाना एम.पी. नगर ने आरोपी भीम सेन के विरूद्ध धारा 420 भादवि के अन्‍तर्गत मामला पंजीबद्ध किया। उक्‍त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री राम कुमार खत्री एडीपीओ द्वारा की गयी। 
दिनांक 04/07/2020
   हेमलता कुशवाह
            सहायक  मीडिया सेल प्रभारी      
  एडीपीओ भोपाल 

Friday, July 3, 2020

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भोपाल चाकू मारकर हत्‍या कारित करने वाले को आजीवन कारावास

विचारण न्‍यायालय श्रीमान सी.एम. उपाध्‍याय द्वितीय अपर सत्र न्‍यायाधीश भोपाल द्वारा आहत(मृतक)  विक्रम प्रजापति के साबित हुए मृत्‍यु कालिक कथन एवं अन्‍य साक्ष्‍य के आधार पर मुख्‍य आरोपी मनीष अहिरवार को हत्‍या का दोषी पाकर आजीवन कारवास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया।



घटना दिनांक 20.09.2018 को शाम 7 बजे थाना कटारा हिल्‍स भोपाल में  लहारपुर पुलिया के पास चौपाटी की है । विक्रम प्रजा‍पति की आरोपी मनीष अहिरवार, उम्र 20 वर्ष, पिता प्रेम नारायण अहिरवार पता कुम्‍हार मोहल्‍ला लहारपुर एवं उसके दो दोस्‍तो ने मिलकर रंजिशवश पेट में चाकू मारकर  गम्‍भीर रूप से आहत कर दिया था।  घटना के अगले ही दिन नवजीवन अस्‍पताल में इलाज के दौरान शरीर पर चाकू से आयी गम्‍भीर चोटो के कारण अत्‍याधिक खून रिसाव के फलस्‍परूप विक्रम प्रजापति की मृत्‍यु हो गयी । आहत (विक्रम प्रजापति)  द्वारा लेख करायी गयी देहाती नालिसी के आधार पर अभियुक्‍तगण के विरूद्ध अपराध थाना कटारा हिल्‍स में पंजीबद्ध किया गया। सम्‍पूर्ण विवेचना के पश्‍चात सक्षम न्‍यायालय में अभियोग पत्र प्रस्‍तुत किया गया। 
उक्‍त प्रकरण में अभियोजन की ओर से सशक्‍त संचालन जिला अभियोजन अधिकारी श्री राजेन्‍द्र उपाध्‍याय एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती वर्षा कटारे द्वारा किया गया। 

दिनांक 03.07.2020
       योगेश तिवारी
     जनसंपर्क अधिकारी
जिला भोपाल संभाग भोपाल
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भोपाल चाकू मारकर हत्‍या करने वाले को आजीवन कारावास

विदित है दिनांक 20.09.2018 को लहारपुर पुलिया के पास मृतक विक्रम प्रजापति की आरोपी मनीष अहिरवार, उम्र 20 वर्ष, पिता प्रेम नारायण अहिरवार पता कुम्‍हार मोहल्‍ला लहारपुर थाना कटारा हिल्‍स भोपाल एवं उसके दो दोस्‍तो ने मिलकर चाकू मारकर रंजिशवश हत्‍या कर दी थी, जिसे थाना कटारा हिल्‍स में धारा 302 भादवि के अन्‍तर्गत पंजीबद्ध किया गया, 

जिसका विचारण सी.एम. उपाध्‍याय अपर सत्र न्‍यायाधीश के न्‍यायालय में चला, जिसमें आज दिनांक 03.07.2020 को मुख्‍य आरोपी मनीष अहिरवार को न्‍यायालय द्वारा आजीवन कारावास एवं एक हजार रूपये के जुर्माने से दंडित किया गया। 
 उक्‍त प्रकरण में अभियोजन की ओर से सशक्‍त संचालन जिला अभियोजन अधिकारी श्री राजेन्‍द्र उपाध्‍याय एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती वर्षा कटारे द्वारा किया गया। 

दिनांक 03.07.2020    श्रीमती हेमलता कुशवाहा
              मीडिया सेल प्रभारी .सहा   
               एडीपीओ  जिला भोपाल

Thursday, July 2, 2020

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देवास पुरूषोत्तम शर्मा, महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म0प्र0 ने नियुक्त किये 05 राज्य समन्वयक महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन

देवास श्री पुरूषोत्तम शर्मा, महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म0प्र0 ने नियुक्त किये 05 राज्य समन्वयक महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश श्री पुरूषोत्तम शर्मा, (आई.पी.एस.) द्वारा मध्य प्रदेश में राज्य समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। श्री पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा श्री त्रिलोकचंद्र बिल्लौरे, उप संचालक अभियोजन, धार (म.प्र.) को अनुसूचित जाति – अनुसूचित जनजाति अधिनियम के प्रकरणों हेतु, श्री अकरम शेख, जिला अभियोजन अधिकारी, इंदौर (म.प्र.) को एन.डी.पी.एस. अधिनियम के प्रकरणों हेतु, सुश्री सीमा शर्मा, विशेष लोक अभियोजक, रतलाम (म.प्र.) को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रकरणों हेतु, श्रीमती मनीषा पटेल, विशेष लोक अभियोजक, भोपाल (म.प्र.) को महिलाओं से संबंधित प्रकरणों हेतु तथा श्रीमती सुधा विजय सिंह भदौरिया सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, भोपाल (म.प्र.) को वन एवं वन्य प्रणी से संबंधित प्रकरणों हेतु राज्य समन्वयक नियुक्त किया गया है। मीडिया सेल प्रभारी निर्मल कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख जनसपंर्क अधिकारी, लोक अभियोजन मध्य प्रदेश श्रीमती मोसमी तिवारी द्वारा प्रदत जानकारी अनुसार कि माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान जी एवं माननीय गृहमंत्री, श्री नरोत्तम मिश्रा जी द्वारा समय-समय पर यह निर्देश जारी किए गए हैं कि महिला एवं बालकों के विरूद्ध गंभीर अपराध एवं समाज पर व्यापक प्रभाव डालने वाले प्रकरणों के प्रति मध्य प्रदेश राज्य शासन गंभीर है और इसी को ध्यान में रखते हुए श्री पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा राज्य समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। श्री पुरूषोत्तम शर्मा, महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश के अनुसार समाज एवं राष्ट्र को प्रभावित करने वाले अपराध जैंसे महिला एवं बालकों के विरूद्ध लैंगिक शोषण, युवाओं की पूरी आने वाली पीढ़ी को प्रभावित करने वाले ड्रग्स के एवं नशीले पदार्थों के अपराध, समाज के अत्यंलत पिछड़े वर्ग अजा एवं अजजा के विरूद्ध भेदभाव वाले अपराध एवं प्रकृति के विरूद्ध किये जाने वाले अपराधों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है इसीलिए मेरे द्वारा उक्त प्रकरणों के प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन की आवश्य‍कता को समझते हुए 05 राज्यं समन्वरयकों की नियुक्ति की गई है। मैं स्वय उक्त अपराधों के न्यायालयीन निराकरण समय पर होने तथा अपराधियों को अधिक से अधिक दण्ड दिलाने हेतु प्रतिबद्ध हूँ तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी एवं माननीय गृहमंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा जी के मध्य प्रदेश राज्य को अपराध मुक्त तथा महिलाओं एवं बालकों के संरक्षण हेतु सुरक्षित बनाने के संकल्प को मूर्त रूप देने हेतु मैं और मेरा विभाग पूर्णरूप से प्रतिबद्ध एवं प्रयासरत है और इसी तारतम्य में मेरे द्वारा नियुक्त किये गये राज्य समन्वयक मेरे आदेशों के अधीन अपने-अपने क्षेत्रों के पूरे राज्य में अभियोजित किये जा रहे प्रकरणों की मॉनी‍टरिंग कर समय-समय पर मुझे रिपोर्ट प्रेषित करेंगे ताकि मैं स्वयं राज्यो में संचालित इन समस्त् प्रकरणों हेतु उचित दिशा-निर्देश जारी कर सकूँ। राज्य समन्वयक के माध्य्म से समय-समय पर प्रशिक्षण और अन्य सुवि‍धाऐं प्रकरण के संचालनकर्ता अभियोजन अधिकारी को उसकी व्यावसायिक दक्षता के संवर्धन हेतु प्रदान की जा सकेंगी। इस हेतु मेरे द्वारा समस्त राज्य् समन्वयकों को उनका कार्य प्रारम्भ करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। श्रीमती तिवारी ने यह भी बताया कि राज्य समन्वयकों की नियुक्ति संचालक महोदय के मुख्य उद्देश्य ”समाज को प्रभावित करने वाले अपराधों का समयानुचित न्यायपूर्ण निराकरण कराना एवं उक्त प्रकरणों में सरल, सुलभ एवं प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करना है।” निश्चित ही यह प्रयास अपराधियों में भय व्याप्त करेगा एवं पीडि़तों को न्याय प्रदान करने में सहायक होगा।
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भोपाल मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एंप्लॉय एवं इंजीनियर बिजली अधिकारी कर्मचारियों का संयुक्त संगठन देश के सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों की वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये 03 जुलाई को मीटिंग

भोपाल: ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 पर जल्दबाजी में फैसला लेने हेतु केंद्रीय विद्युत् मंत्री द्वारा कल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बुलाई गई सभी प्रांतों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के एजेंडा पर कड़ा एतराज दर्ज किया है 

। उल्लेखनीय है कि देश के सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों की वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये 03 जुलाई को होने वाली मीटिंग में इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 एक मुख्य मुद्दा है । इसके अलावा वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति और सुधार आधारित नई वितरण योजना पर भी कल होने वाली मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा । ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने यहाँ बताया कि बैठक के एजेंडा में इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 पर विचार विमर्श हेतु मात्र 35 मिनट का समय निर्धारित किया गया है जिससे केंद्र सरकार की मंशा का पता चलता है कि बिना किसी गंभीर विचार विमर्श के केंद्र सरकार इस बिल पर राज्यों की राय लेने की औपचारिकता पूरी कर बिल को संसद के आगामी मानसून सत्र में पारित कराना चाहती है । उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 के विरोध में देश के 11 प्रांतों के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री प्रधानमंत्री और केंद्रीय विद्युत् मंत्री को पत्र भेजकर कड़ा एतराज जाहिर कर चुके हैं । ऐसे में कल होने वाली मीटिंग में प्रत्येक राज्य के ऊर्जा मंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए कम से कम 30-30 मिनट का समय चाहिए किन्तु एजेंडा में मात्र 35 मिनट में सभी 30 प्रांतों की बात सुन ली जाएगी । इससे साफ प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार मीटिंग कर मात्र औपचारिकता पूरी कर रही है और बहुमत के चलते संसद में बिल पारित कराने की तैयारी कर चुकी है जो नितान्त अनुचित और अलोकतांत्रिक है । ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने ऊर्जा मंत्रियों की मीटिंग के पहले देश के सभी प्रांतों के मुख्यमंत्रियों और ऊर्जा मंत्रियों को पत्र मेल कर अपील की है कि कल होने वाली मीटिंग में वे इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 पर जल्दबाजी में निर्णय लेने का विरोध करे और पूर्व की तरह विस्तृत विचार विमर्श हेतु बिल संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाये जिससे सभी स्टेकहोल्डरों खासकर किसानों , उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिल सके | उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रिसिटी ( अमेंडमेंट ) बिल 2020 के जरिये मुनाफे वाले क्षेत्र के विद्युत् वितरण को फ्रेंचाइजी को देने , किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को बिजली टैरिफ में मिलने वाली सब्सिडी समाप्त करने जैसे कई प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर बिजली कर्मियों और उपभोक्ताओं सहित देश के 11 प्रांतों ने विरोध दर्ज किया है । *ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों का पक्ष सुने बगैर जल्दबाजी में बिल को लोकसभा में रखा गया तो देश के 15 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर इसका राष्ट्रव्यापी प्रबल विरोध करेंगे* । 

  भवदीय 
( इं.व्ही.के.एस.परिहार ) 
   संयोजक

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भोपाल तेंदुए की खाल की तस्करी के दसवे आरोपी अरुण मालवीय की जमानत सत्र न्यायालय से हुई निरस्त

- मुखबिर की सूचना पर उड़नदस्ता भोपाल ने कार्रवाई करते हुए सोमवार दोपहर वन्य प्राणी तेंदुआ की खाल के  दसवें तस्कर अरुण कुमार मालवीय को गिरफ्तार करने मे सफलता हासिल की


 आरोपी पिछले सात माह से फरार चल रहा था। 21 नवंबर 2019 को क्राइम ब्रांच पुलिस, वनमंडल भोपाल ने मुखबिर की सूचना पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए अमरावती महाराष्ट्र में शिकार किये तेंदुए की खाल को लाखों रुपयों में बेचने भोपाल आए एक तस्कर सत्यपाल को खाल सहित गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद एक के बाद एक नौ आरोपियो को भोपाल, बेतूल और महाराष्ट्र- एमपी सीमा से गिरफ्तार किया गया था। कुल 12 आरोपियों में से अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके है। 
आरोपी को दिनाक 22/6 को कोर्ट में पेश किया जहॉ से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था 
दि 24/6 को आरोपी की जमानत पर सुनवाई न्यायालय श्रीमती ज्योति डोंगरे शर्मा की कोर्ट में हुई अभियोजन की और से पैरवी करता अभियोजन अधिकारी श्रीमती सुधाविजय सिंह भदौरिया  की सशक्त पैरवी के फलस्वरूप आरोपी की जमानत निरस्त हुई थी | आज दि 01/7/2020को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायालय श्री सी एम उपाध्याय के न्यायालय में हुई अभियोजन कीओर पैरवी करता विशेष लोक अभियोजक ( forest ) सुधाविजय सिंह भदौरिया ने तर्क के दौरान कोर्ट को बताया कि आरोपी अरुण मालवीय घटना दि .21/11/19को उस आरोपी सत्यपाल के साथ था जिससे वन्य प्राणी तेंदुआ की खाल जप्त हुई थी मौका पाकर आरोपी अरुण फरार हो गया था , आरोपी द्वारा किया अपराध गंभीर प्रकृति का है , आरोपी सत्यपाल अब तक जेल मे है , पूर्व मे गिरफ्तार सभी 09 आरोपियों की जमानत याचिकाए सी जे एम  कोर्ट व सत्र न्यायालय से निरस्त हो चुकी है , विवेचना अभी बाकी है ,आरोपी माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा आरोपियों की समानता के आधार पर जमानत का लाभ पाने का अधिकारी नहीं है यदि आरोपी अरुण को जमानत का लाभ दिया जाता है तो आरोपी के सम्बन्ध में विवेचना प्रभावित होगी 
अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री उपाधयाय ने आरोपी अरुण मालवीय  निवासी बैतूल की जमानत निरस्त कर दी 
Regards 
Sudhavijay Singh Bhadoria 
ADPO Bhopal/state coordinator ( van/ vanyaprani ) 
MP prosecution